Sunday, November 1, 2020

मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा- Mandir Bich Rehte O Bhole Baba - LYRICS-

मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो में होती भोले भगीरथ की गंगा, जटा बिच रहती
ओ भोले बाबा
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो में होती भोले चौथ का चंदा, माथे बिच सजती
ओ भोले बाबा,
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो में होती भोले वाण की नागीनिया, गले बिच सजती
ओ भोले बाबा
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो मैं होती भोले लकड़ी का डमरू, हाथों में सजती
ओ भोले बाबा
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो में होती भोले मरघट की भस्मी, अंगों बिच सजती
ओ भोले बाबा
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

जो मैं होती भोले हिमाचल की बेटी, बगली में बैठती
ओ भोले बाबा
मंदिर बिच रहते ओ भोले बाबा

लेके मैया का श्रंगार - Leke Maiya Ka Shingaar -L YRICS

लेके मैया का श्रंगार करके मां की जैजैकार चलके आई मैं आई हूं मैया के दर

लाल लाल चोला मां का लाल लाल चुनरी màathe की बिंदिया लाई हाथों की मुंदरी गले का लाई तोरानहार
चलके आई मैं आई हूं मैया के दर
लेके मैया का श्रंगार करके मां की जैजैकार चलके आई मैं आई हूं मैया के दर

चुन चुन फूलों की माला बनाई प्यार से मैंने मा के गले में सजाई, होय चूड़ी लाई मीनेदार करके मां की जयजैकार
चलके आई मैं आई हूं मैया के दर
लेके मैया का श्रंगार करके मां की जैजैकार चलके आई मैं आई हूं मैया के दर

पान सुपारी मां की भेंट चढ़ाऊं हलवे चने का मां को भोग लगाऊं होय मैया का पाने को प्यार करके मां की जैजैकर
चलके आई मैं आई हूं मैया के दर
लेके मैया का श्रंगार करके मां की जैजैकार चलके आई मैं आई हूं मैया के दर

Friday, October 30, 2020

गौरी मैया अरज है मेरी - Gauri Maiya Araj Hai Mairi - LYRICS-

गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

गोरे गोरे माथे पे लाल लाल बिंदिया 
मांगों का सिंदूर अमर रखना,अरज है मेरी
गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

गोरे गोरे हाथों में लाल लाल चूड़ियां
हाथों की मेंहदी अमर रखना,अरज है मेरी
गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

पैरों  में  छनके पायल बिछिया
माहवार मेरा अमर रखना, अरज है मेरी
गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

गोरे गोरे अंगों में लाल लाल लहंगा 
शीश की चुनरी अमर रखना, अरज है मेरी
गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

लंबी उम्र ही मेरे साजन की,
गोदी का लाल अमर रखना, अरज है मेरी
गौरी मैया अरज है मेरी सुहाग अमर रखना

Thursday, October 29, 2020

कान्हा न चाहिए बैकुंठ - Kanha N Chahiye Baikunth - LYRICS-

कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

एक जन्म मोहे नदी का दियो,कान्हा जमुना दियो बनाए
जन्म मोहे ब्रज में दियो रे
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

एक जन्म मोहे वृक्ष बनईयो कान्हा तुलसा दियो बनाए
जन्म मोहे ब्रज में दियो रे
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

एक जन्म मोहे पक्षी का दियो कान्हा मोर दियो बनाए
जन्म मोहे ब्रज में दियो रे
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

एक जन्म मोहे पशु को दियो कान्हा गाय दियो बनाए
जन्म मोहे ब्रज में दियो रे
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

एक जन्म  मोहे ऋषियों का दियो कान्हा गोपी दियो बनाए     जन्म मोहे ब्रज में  दियो रे
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे

Wednesday, October 28, 2020

दिन दिन मैली होय चुनरिया - Din Din Maili Hoy Chunariya - LYRICS-

दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

जब ये चुनरी बन के आई सारे नगर ने खुशी मनाई
बजा नगर में ढोल चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

जब चुनरी में आई जवानी चुनरी हो गई बड़ी मस्तानी
ये चुनरी करे कमाल चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

मेरी चुनरी में चांद सितारे चमक रहे हैं न्यारे न्यारे
ये होता और किनार  चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

एक में करे चुनरी फिर से रंगा लूं इसी रंग में फिर से
सिंवा लूं पर जामे चमक न आए चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

जब चुनरी में आया है बुढ़ापा टूटन लगा अपना ही आपा
ये चुनरी हो गई डांवाडोल चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

कहत कबीर सुनो भाई साधो हरि के भजन में नित उठ 
लागो ये हरि चरण अनमोल चुनरिया....
दिन दिन मैली होय चुनरिया दिन दिन मैली होय

Tuesday, October 27, 2020

छोटे छोटे बालक बना दिए री - Chhote Chhote Balak Bana Diye Ri -LYRICS

छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने
 ठुमक ठुमक अंगना में खेलें मधुर तोतली बोली बोलें
मैया ने पालना झुला दिए री तीनों देव सती ने
छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने

मैया के नचत हैं अंगना पांव पनसुरी हाथ में कंगना
धीरे धीरे चलना सीखा दिए री तीनों देव सती ने
छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने

आय गईं तीनों की रानी अनुसुइया से बोली वाणी
पति हमारे छुपाए लिए री तीनों देव सती ने
छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने

हम हैं बहू तुम्हारी मैया मैया दे दो हमारे सैयां
अंगना में ला के बैठाए दिए री तीनों देव सती ने
छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने

 पति अपने पहचान न पाई तीनों देविया देख घबराई 
मैया ने देव बनाए दिए री तीनों देव सती ने
छोटे छोटे बालक बना दिए री तीनों देव सती ने

Sunday, October 25, 2020

उड़े जब जब गौरा की चुनरिया - ude jab jab gaura ki chunariya - LYRICS

उड़े जब जब गौरा की चुनरिया कि भोले जी का दिल मचले गौरा मेरिए 

गौरा जी के माथे कि बिंदिया कि टीके पे दिल मचले
गौरा मेरिए
उड़े जब जब गौरा की चुनरिया कि भोले जी का दिल 

गौरा जी के कानों के कुंडल की झालों पे दिल मचले
गौरा मेरिए
उड़े जब जब गौरा की चुनरिया कि भोले जी का दिल 

(इसी प्रकार से सभी गहनों के नाम लेने हैं)