Tuesday, March 17, 2026

ऊंचे पर्वत भोले शंकर - Unche Parvat Bhole Shankar - LYRICS -

ऊंचे पर्वत भोले शंकर बैठे आसन डार
अमर कथा जब लगे सुनाने गौरा को त्रिपुरार
उमा के पड़ गए सोता हुंकरा दे रहो तोता
ओहो उमा के पड़ गए सोता हुंकरा दे रहो तोता

अमर कथा शंकर ने जब गौरा को है सुनाई
कथा हुई न पूरी नींद उमा को आई
मालूम नहीं पड़ा शंकर को तोते की हुंकार
उमा के पड़ गए सोता....

नींद से गौरा जागीं मन सोच करें अति भारी
बोलीं शंकर जी से प्रभु लग गई आंख हमारी
आधी कथा सुनी है हमने आधी दो सुनाए
उमा के पड़ गए सोता....

बोले शंकर जी जब ये कथा सुनी है जिसने
जिंदा न छोडूंगा जो दिया हुंकरा जिसने
आगे आगे तोता भागे पीछे से त्रिपुरार
उमा के पड़ गए सोता....

भागत भागत तोता मन सोच करे अति भारी
हाथ जोड़ सुआ थाड़ो खता कर दो माफ हमारी
अमर कथा हमने सुन लीनी करो जग का उद्धार
उमा के पड़ गए सोता....

Sunday, October 19, 2025

तुलसा का पूजन करें आओ मेरी सखियों

तुलसा का पूजन करें आओ मेरी सखियों 
तुलसा का पूजन करें आओ मेरी सखियों

नित उठकर के तुलसा को सींचे, सुख पायें चारों धाम
धाम मेरी सखियों, तुलसा का....

जल से सींच एक दीप जलाएं, जीवन में उजियारा होय
होय मेरी सखियों,  तुलसा का...

तुलसाजी को पुष्प चढ़ाएं, फले फूले परिवार
परिवार मेरी सखि्य,  तुलसा का...

तुलसा जी को भोग लगाएं, अन्न धन के भरें भण्डार
भण्डार मेरी सखियों,  तुलसा का...

तुलसा मां को सिंदूर लगायें, पाएं अखण्ड सुहाग
सुहाग मेरी सखियों,   तुलसा का...

Monday, September 16, 2024

छम्मक छल्लो हमारी भौजईया - Chhammak Chhallo Hamari Bhaujaiya - LYRICS -

छम्मक छल्लों हमारी भौजईया, गलफुल्लो हमारी भौजईया

मैंने टीका मांगो भैया से दारी गाल फुला गई भौजइया
जाने बांध putariya कपड़न की 
जाने सीध लगाए लई पीहर की
दारी भाजत जाए दारी देखत जाए
राजा अभी न आए मनायवे को
छम्मक छल्लों...

सारे जेवर के नाम लेकर आगे गाना है 

Friday, December 8, 2023

कोठी पे कोठी बनाई के - Kothi Pe Kothi Banay Ke - LYRICS -

कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया को बेटा रोवे, रोवै खाट बिछाए के 
मेरी बुढ़िया ...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया की बहुएं रोवै, रोवें विक्स लगाए के 
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया की बेटी रोवै, रोवै रूदन मचल के
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया के पोते रोवै, रोबैं कफन udhay के
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया को बुड्ढा रोवै, रोवै सिंदूर लगाए के
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया को भैया रोवै, रोवै चुनार udhay के
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के

जब बुढ़िया की सखियां रोवै, रोवै गाय बजाय के
मेरी बुढ़िया...
कोठी पे कोठी बनाई के मेरी बुढ़िया मारी गम खाय के


Sunday, November 19, 2023

यूपी में योगी को राज - UP Me Yogi Ko Raj - LYRICS -

यूपी में योगी को राज re भतैया समर भात ले अयियो

चोर उचक्के भैया मेरे मत लईयो, 
हर चौराहे पे पुलिस मिलेगी मेरे भैया, समर भात ले...
यूपी में...

दारूबाज भैया मेरे मत लाइयो
यहां ठेका है गए बंद re भतैया, समर भात ले...
यूपी में योगी...

मांस मछली भैया मेरे मत लाइयो,
कटखाने है गए बंद re भतैया, समर भात ले...
यूपी में योगी...

भैया भतीजे ले के आयियो भाभी मेरी ले के आइओ
मेरो आय के मान बढ़ाइयो re भतैया, समर भात ले...
यूपी में योगी को राज...

Thursday, October 12, 2023

बिगड़े बिगड़े रे सजनवा हमार - Bigde Bigde Re Sajanva Hamaar - LYRICS -

बिगड़े बिगड़े रे सजनवा हमार ससुलिया तेरे लाड़ प्यार में

रोटी सब्जी हमने बनाई एक कौर न खाई, 
खावे खावे रे होटल में पिज्जा चार,
ससुलिया तेरे...     बिगड़े बिगड़े ....

चाय कॉफी हमने बनाई एक घूंट नहीं पीयो
पीवे पीवें रे होटल में बोतल चार
सासुलिया तेरे...      बिगड़े बिगड़े...

घर को खर्चा हमने मांगो एक रुपया न दीनो 
देखे देखे रे फिल्म दिन रात
सासुलिया तेरे ...      बिगड़े बिगड़े...




Tuesday, October 10, 2023

सैयां संग नहीं है गुजारा - Saiyaan Sang Nahi Hai Guzara - LYRICS -

सैयां संग नहीं है गुजारा बलम आवारा निकल गए

सुंदर सूरतिया पे पापा लुभाए नहीं देखा घर और घराना
बलम आवारा निकल गए सैयां संग नहीं है गुजारा...

बातें करें राजा लाखों करोड़ों की, अठन्नी का नहीं है सहारा
बलम आवारा निकल गए सैयां संग नहीं है गुजारा...

अपने को समझें वो डिप्टी  कलेक्टर, पढ़े लिखे हैं आवारा
बलम आवारा निकल गए सैयां संग नहीं है गुजारा...

खेती किसानी उनके मन ही न भावें, गलियों में घूमें आवारा
बलम आवारा निकल गए सैयां संग नहीं है गुजारा...