Saturday, January 23, 2021

लक्ष्मी के पति जग के स्वामी - Laxmi Ke Pati Jag Ke swami - LYRICS-

लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य ऋद्धि सिद्धि के खुल गए हैं
उन्हें गणपति वर मिल गए हैं,
जरा मंदिर में जाकर के देखो 
वो तो विघ्नों को हरते मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य ब्रह्माणी के खुल गए हैं 
उन्हें ब्रह्मा जी वर मिल गए हैं 
ज़रा ब्रह्माण्ड में जाकर के देखो
वो तो सृष्टि रचते मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य लक्ष्मी के खुल गए हैं 
उन्हें विष्णु  वर मिल गए हैं
जरा वैकुंठ में जाकर देखो
वो तो शंख बजाते मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य गौरा के भी खुल गए हैं
उन्हें शंकर से वर मिल गए हैं
जरा कैलाश पे जाकर देखो
वो तो धूनी रमाए मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य सीता के खुल गए हैं
उन्हें राम से वर मिल गए हैं
जरा अयोध्या में जाकर देखो
वो तो वचनों को निभाते मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे

भाग्य रुकमिणी के खुल गए हैं
उन्हें कृष्ण से वर मिल गए हैं
जरा गोकुल में जाकर देखो
वो तो बंशी बजाते मिलेंगे
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे



मेरी तुलसा घनी गुणवान - Meri Tulsa Ghani Gunvan - LYRICS-

मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

जो तुलसा को बिड़ला लगाए वाको फले फूले परिवार
मैं वारी जाऊं तुलसा पे
मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

जो तुलसा को चीर उढावे वको अमर रहे सुहाग
मैं वारी जाऊं तुलसा पे
मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

जो तुलसा पे दिया जलावे वाको घर उजियारा होय
मैं वारी जाऊं तुलसा पे
मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

जो तुलसा को भोग लगावे वाले अन्न धन भरे भंडार
मैं वारी जाऊं तुलसा पे
मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

जो तुलसा को ब्याह करावे वाको बैकुंठ वासो होय
मैं वारी जाऊं तुलसा पे
मेरी तुलसा घनी गुणवान मैं वारी जाऊं तुलसा पे

Wednesday, January 20, 2021

काऊ दिन पाले सुआ - Kaau Din Pahle Sua - LYRICS-

काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

इन बेटन को गर्व मत करियों गर्व मत करियों
काऊ दिन बेटा बहू के है जाएंगे
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

इन बहुअन को गर्व मत करिओ गर्व मत करियों
काऊ दिन बहुएं पड़ोसन बन जाएंगी
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

इन बेटिन को गर्व मत करियों गर्व न करियों
काऊ दिन आंवें जमाई ले जाएंगे
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

जा काया को गर्व न करियों गर्व मत करियों
काऊ दिन काया माटी में मिल जाएगी
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

जा माया को गर्व मत करियों गर्व मत करियों
काऊ दिन आंवे कर ले जाएंगे
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे

Monday, January 18, 2021

अरे क्या गाड़ी हो गई लेट - Are Kya Gadi Ho Gayi Late - LYRICS-

अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए
मेरे बालाजी न आए मेरे बालाजी न आए
अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए

सोने की थाली में भोजन परोसा, अरे क्या जैंवत हो गई देर  मेरे बालाजी न आए
अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए

सोने को लोटा गंगाजल पानी, अरे क्या पीबत हो गई देर
मेरे बालाजी न आए
अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए

पान पचासी के बीड़े लगाए, अरे क्या चाबत हो गई देर
मेरे बालाजी न आए
अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए

चुन चुन फूलों की सेज बिछाई अरे क्या सोबत हो गई देर
मेरे बालाजी न आए
अरे क्या गाड़ी हो गई लेट मेरे बालाजी न आए

Sunday, January 17, 2021

बालू मिट्टी के बनाए - Balu Mitti Ke Banaye - LYRICS-

बालू मिट्टी के बनाए भोलेनाथ च्ढाऊं लोटा जल भरके

पहला वर जो मांगा सिया ने वर दीने भगवान
मिले मिले रे कौशल्या जैसी सास ससुर राजा दशरथ से
बालू मिट्टी के बनाए भोलेनाथ च्ढाऊं लोटा जल भरके

दूजा वर जो मांगा सिया ने वर दीना भगवान 
मिले मिले रे शिवशंकर जैसे जेठ जितनी गौरा पार्वती
बालू मिट्टी के बनाए भोलेनाथ च्ढाऊं लोटा जल भरके

तीजा वर जो मांगा सिया ने वर दीना भगवान
मिले मिले रे सुभद्रा जैसी नन्द ननदोई राजा अर्जुन से
बालू मिट्टी के बनाए भोलेनाथ च्ढाऊं लोटा जल भरके

चौथा वर जो मांगा सिया ने वर दीना भगवान
मिले मिले रे पति श्री राम देवर भैया लक्ष्मण से
बालू मिट्टी के बनाए भोलेनाथ च्ढाऊं लोटा जल भरके

Saturday, January 16, 2021

ले चलो अपनी डगरिया - Le Chalo Apni Dagariya- LYRICS-

ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया
सिर पर घड़ा घड़े पर गगरी  लचकत जावे कमरिया
राधा के सांवरिया
ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया

तेरी मेदी गालियां रोज को चलवो भूल न जाऊं डागरिया
राधा के सांवरिया
ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया

ऊंची नीची सीढ़ियां रोज को चढ़वो लचकत जावे चुनरिया 
राधा के सांवरिया
ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया

ऊंची अटा सीढ़ी को चढ़वो लचकट जावे कमरिया
राधा के सांवरिया
ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया

काली काली घटा उठी है जैसे बदल में तड़पे बिजुरिया
राधा के सांवरिया
ले चलो अपनी डागरिया राधा के सांवरिया

मानो बात हमारी - Mani Baat Hamari - LYRICS-

मानो बात हमारी वन को मत जाओ जनकदुलारी
वन को मत जाओ जनकदुलारी
मानो बात हमारी वन को मत जाओ जनकदुलारी

पैदल पैदल सिया चलना पड़ेगा वहां नाय मोटर गाड़ी
वन को मत जाओ जनकदुलारी
मानो बात हमारी वन को मत जाओ जनकदुलारी

कंद मूल फल खाने पड़ेंगे नाय वहां रोटी तरकारी
वन को मत जाओ जनकदुलारी
मानो बात हमारी वन को मत जाओ जनकदुलारी

धरती पे सिया सोना पड़ेगा नाय वहां मिले चारपाई
वन को मत जाओ जनकदुलारी
मानो बात हमारी वन को मत जाओ जनकदुलारी