सास भी रोक ससुर भी रोक और रोक घरवाला
छज्जे ऊपर कोठरी उसमे लगा दिया ताला
ताला तोड़ के जाऊंगी चाहे लोग बोलियां बोले
अम्बे मां को मनाना है चाहे लोग बोलियां बोले
(इसी प्रकार से आगे कहते हुए गाना है)
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
एक फूल खिला दो जीवन में खुशबू से गुजरा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
माना तेरे दर पर भीड़ बहुत चौखट पे गुजरा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
के
माना तेरा चोला लाल है चुनरी से गुजारा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
हमे तिरछी नजर से न देखो हम ऐसे गुजारा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
माना तेरी हस्ती लाखों की थोड़े में गुजारा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे
माना तू दर्शन देती है झलकीं से गुजारा कर लेंगे
मंदिर में गुजारा कर लेंगे