Sunday, November 29, 2020

दर्याए बाले गम का किनारा - Dariyauye Basley Gam Ka Kinara - LYRICS-

 दरियाए बस्ले गम का किनारा कब आएगा 
जब तुम्हीं चले परदेश ये घर किसको भाएगा 
ये मीठी मीठी बातें हमको कौन सुनाएगा

मछली सी बनी बैठी हूं सागर के बीच में
जब लाखों होते खाए किनारा कब आएगा
जब तुम्हीं चले परदेश ये घर किसको भाएगा 
ये मीठी मीठी बातें हमको कौन सुनाएगा

हिरनी सी बनी बैठी हूं बागों के बीच में
जब फाल गया है फंडा शिकारी कब आएगा
जब तुम्हीं चले परदेश ये घर किसको भाएगा 
ये मीठी मीठी बातें हमको कौन सुनाएगा

बिजली सी बनी बैठी हूं बादल के बीच में
जब छुप गया है चांद उजाला कब आएगा
जब तुम्हीं चले परदेश ये घर किसको भाएगा 
ये मीठी मीठी बातें हमको कौन सुनाएगा

लाखों फूल कुमला गए इस हैं कि आग में 
वो बेकली का फूल हजारा कब आएगा 
जब तुम्हीं चले परदेश ये घर किसको भाएगा 
ये मीठी मीठी बातें हमको कौन सुनाएगा

Saturday, November 28, 2020

गंगा तेरी धारा से - Ganga Teri Dhaara Se - LYRICS-

गंगा तेरी धारा से देव निकले ब्रह्मा विष्णु महेश निकले
पहला बधाया ससुर घर आया सासू की गोदी से देव निकले,।    ब्रह्मा विष्णु महेश निकले।

इसी प्रकार से ---
                  जेठ
             
                  देवर
                  ननदोई
                  साहेब     कहना है ।

Friday, November 27, 2020

राम राम रामजी के दूत हनुमान जी -Ram Ram Ram Ji Ke Doot Hanuman Ji - LYRICS-

राम राम राम जी के दूत हनुमान जी

कहां बैठें मेरे श्री राम जी कहां बैठें हनुमान जी
ऊंचे सिंघासन बैठें मेरे राम जी चरणों में बैठें हनुमान जी
राम राम राम जी के दूत हनुमान जी

क्या रे पहने मेरे श्री राम जी क्या रे पहने हनुमान जी
पीला पीताम्बर पे जब ने मेरे राम जी लाल लंगोट हनुमान जी
राम राम राम जी के दूत हनुमान जी

काहे को भोग मेरे श्री राम का काहे का भोग हनुमान का
खोया की बर्फी मेरे श्री राम जी चूरमा के लड्डू हनुमान जी
राम राम राम जी के दूत हनुमान जी

क्या रे देवें मेरे श्री राम जी क्या रे देवें हनुमान जी
अन धन देवें मेरे श्री राम जी संकट काटें हनुमान जी
राम राम राम जी के दूत हनुमान जी

Thursday, November 26, 2020

मैं बेला को हार वारी नन्दी - Main Bela Ko Haar Vari Nandi - LYRICS-

मैं बेला को हार वारी नन्दी मैं बेला को हार वारी नन्दी

हमरी सास के तीन जो बेटा, दो गोरे एक कारो वारी नन्दी

गोरे की शादी कर दयी दिल्ली से कारे को हैं ब्याह दई वारी नन्दी   मैं बेला...

आगरे शहर एक लगी रे बजरिया, कारे को बेचन चल दई
वारी नन्दी,  मैं बेला...

गोरे गोरे राजा को सब कोई लेवें करे को कोई नहीं लेवें 
वारी नन्दी,   मैं बेला...

हमरे महल एक छोटी सी कुठारिया वाई में बंद कर दये
वारी नन्दी,   मैं बेला...

बारह वर्ष पीछे खोली रे कुठरिया करे से गोरे है गए
वारी नन्दी,   मैं बेला...

Wednesday, November 25, 2020

में बस गयो नन्द किशोर बुला को वृंदावन में- Man Bas Gayo Nand Kishor- LYRICS-

मन बस गयो नन्द किशोर बुला लो वृंदावन में
बुला लो वृंदावन में हो हो हो

सौंप दिया अब जीवन तुमको मोहन काई विध
राखी हमको हम आन पड़े तेरे द्वार
बुला लो वृंदावन में
मन बस गयो नन्द किशोर बुला लो वृंदावन में

वृंदावन की धूल बना को यमुना तट का घाट बना लो
मैं तो सेवा करूं हाथ जोड़
बुला लो वृंदावन में
मन बस गयो नन्द किशोर बुला लो वृंदावन में

नौकर बन तेरी सेवा करूंगी तन मन धन सब अर्पण करूंगी, मैं तो दर्शन करूंगी उठ भोर
बुला लो वृंदावन में 
मन बस गयो नन्द किशोर बुला लो वृंदावन में

एक अरज प्रभु हमरी तुमसे चरणों की हमे धूल बना लो
हम नहीं जाना कहीं और
बुला लो वृंदावन में
मन बस गयो नन्द किशोर बुला लो वृंदावन में

मेरी सूख गई तुलसा पानी बिना - Meri Sookh Gayi Tulsa Pani Bina - LYRICS-

मेरी सूख गई तुलसा पानी बिना, पानी बिना राधा रानी बिना मेरी...

ताजे पानी की भरी बाल्टी, नहावे न श्याम राधा रानी बिना मेरी...

पाट पीताम्बर तसरी की धोती, पहने न श्याम राधा रानी बिना मेरी...

घिस घिस चंदन भरी कटोरी, तिलक न लेंवें श्याम राधा के बिना मेरी...

माखन मिश्री की भरी कटोरी भोग न लेवें श्याम राधा के बिना मेरी ...

छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन जेंवें न श्याम तुलसा के बिना
मेरी सूख ...

Sunday, November 22, 2020

वृंदावन मोय ऐसो लगे री -Vrindavan Moy Aiso Lage Ri - LYRICS-

वृंदावन मोए ऐसा लगे री जोगन बन जाऊं ओ राधिका
ब्रह्मा भी मिल गए विष्णु भी मिल गए
लक्ष्मी मिली मोए ऐसा लगे री
जोगन बन जाऊं ओ राधिका

भोले भी मिल गए गौरा भी मिल गईं 
गणपति मिले मोए ऐसा लगे री
जोगन बन जाऊं ओ राधिका

राम जी मिल गए सीता जी मिल गईं
हनुमत मिले मोए ऐसा लगे री
जोगन बन जाऊं ओ राधिका

राधा भी मिल गईं कुब्जा भी मिल गईं
मीरा मिली मोए ऐसा लगे री
जोगन बन जाऊं ओ राधिका

ऋषिगण भी मिल गए मुनिगन भी मिल गए
सतगुरु मिले मोए ऐसा लगे री
जोगन बन जाऊं ओ राधिका