Friday, February 25, 2022

बन जाएं बिगड़े काम - Ban Jaayen Bigde Kaam - LYRICS-

बन जाएं तेरे काम री नाम शिव का तू ले ले

शिव जी का नाम श्री राम ने जपा था 
लंका विजय तब पाई re
नाम शिव का तू ले ले
बन जाएं तेरे काम री नाम शिव का तू ले ले

शिव जी का नाम ऋषि मुनि ने जपा था 
जप लिया आठों याम re
नाम शिव का तू ले ले
बन जाएं तेरे काम री नाम शिव का तू ले ले

शिव जी का नाम श्री कृष्ण ने जपा था
कितना सुंदर नाम re
नाम शिव का तू ले ले
बन जाएं तेरे काम री नाम शिव का तू ले ले

शिव जी का नाम प्यारे तुम भी जप लो
कौड़ी लगे न दाम re
नाम शिव का तू ले ले
बन जाएं तेरे काम री नाम शिव का तू ले ले

Wednesday, February 23, 2022

शिवजी का मंदिर पल्ली पार - Shivji Ka Mandir Palli Paar - LYRICS-https://youtu.be/ErplPDMYrFg

शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है

अंधे वहां पर आते हैं आकर शीश झुकाते हैं
आंखें देने वाला दिलदार है दर्शन को दिल बेकरार है
शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है

लंगड़े वहां पर आते हैं आकर शीश झुकाते हैं
पैर देने वाला दिलदार है दर्शन को दिल बेकरार है
शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है

बांझ वहां पर आते हैं आकर शीश झुकाते हैं
बालक देने वाला दिलदार है दर्शन को दिल बेकरार है
शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है

बालक वहां पर आते हैं आकर शीश झुकाते हैंw
विद्या देने वाला दिलदार है दर्शन को दिल बेकरार है
शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है

कन्या वहां पर आती हैं आकर शीश झुकाती हैं
घर वर देने वाला दिलदार है दर्शन को दिल बेकरार है
शिवजी का मंदिर पल्ली पार है दर्शन को दिल बेकरार है


Tuesday, February 22, 2022

मैं तो तेरे नाम की दीवानी - Main To Tere Naam Ki Deewani - LYRICS-https://youtu.be/lL8hgYrnEBk

दीवानी दीवानी दीवानी भोले जी
में तो तेरे नाम की दीवानी भोले जी

गंगा न जानूं गंगा नहाना न जानूं
हृदय में ही गंगा बहा दो भोले जी
मैं तो तेरे नाम की दीवानी भोले जी

पूजा न जानूं पूजा करना न जानूं
हृदय को ही मंदिर बना दो भोले जी
मैं तो तेरे नाम की दीवानी भोले जी

तीरथ न जानूं तीरथ करना न जानूं
हृदय में तीरथ बना दो भोले जी
मैं तो तेरे नाम की दीवानी भोले जी

गया न जानूं मैं तो काशी न जानूं
हृदय में भक्ति जगा दो भोले जी
मैं तो तेरे नाम की दीवानी भोले जी

Friday, February 11, 2022

छोड़ो सब काम चलो -- Chhodo Sab Kaam Chalo - LYRICS-

छोड़ो सब काम चलो री सत्संग में
अंत समय में चले न कोई संग में

वा सत्संग में गणपति जी आए
गणपति जी आए संग रिद्धि सिद्धि लाए
ले के उनका नाम रंगो री उनके रंग में


इसी प्रकार से भजन को आगे बढ़ाना है


Friday, January 28, 2022

राम नाम को जप ले प्यारे - Ram Naam Ko Jap Le Pyare - LYRICS-https://youtu.be/iwo8EAiKh0U

राम नाम तुम जप लो प्यारे सभी धारा रह जाना है
हंस अकेला उड़ जाना है
राम नाम तुम जप लो प्यारे सभी धारा रह जाना है

बचपन आया खेल गंवाया दूध पिया इठलाना है
हंस अकेला उड़ जाना है
राम नाम तुम जप लो प्यारे सभी धारा रह जाना है

आई जवानी लाल हुईं अंखियां, चलत चलत इतराना है
हंस अकेला उड़ जाना है
राम नाम तुम जप लो प्यारे सभी धारा रह जाना है

आया बुढ़ापा कमर हुई टेढ़ी ले लाठिया पछताना है
हंस अकेला उड़ जाना है
राम नाम तुम जप लो प्यारे सभी धारा रह जाना है 

Thursday, January 20, 2022

मंदिर मंदिर में विराजे भगवान - Mandir Mandir Me Viraje Bhagvaan - LYRICS-https://youtu.be/RFLmqONOMzo

मंदिर मंदिर में विराजे भगवान चलो तो दर्शन कर आएं

एक दिन हरिद्वार चलेंगे वहीं दर्शन करने को
गंगा मैया में करेंगे स्नान चलो तो दर्शन कर आएं

एक दिन वृंदावन चलेंगे वहीं दर्शन करने को
जमुना मैया में करेंगे स्नान चलो तो दर्शन कर आएं

एक दिन अयोध्या चलेंगे वहीं दर्शन करने को
सरयू मैया में करेंगे स्नानचलो तो दर्शन कर आएं

एक दिन आश्रम चलेंगे वहीं दर्शन करने को
गुरु ज्ञान से करेंगे स्नान चलो तो दर्शन कर आएं

Tuesday, January 11, 2022

बंसी बाजी कहीं मथुरा में - Bansi Baji Kahin Mathura Me - LYRICS-https://youtu.be/2fmQA57Imfo

बंसी बाजी कहीं गोकुल में कहीं बंसी बजी
घूंघट के पट खोले री गुजरिया, घूंघट के पट न खोलूं कान्हा
लाज जाए मेरे तीनों कुल की

बंसी बाजी कहीं मथुरा में कहीं बंसी बजी
घूंघट के पट खोले री गुजरिया, घूंघट के पट न खोलूं कान्हा
लाज जाए मेरे तीनों कुल की

बंसी बाजी कहीं गोवर्धन में कहीं बंसी बजी
घूंघट के पट खोले री गुजरिया, घूंघट के पट न खोलूं कान्हा
लाज जाए मेरे तीनों कुल की

बंसी बाजी कहीं वृंदावन में कहीं बंसी बाजी
घूंघट के पट खोले री गुजरिया, घूंघट के पट न खोलूं कान्हा
लाज जाए मेरे तीनों कुल की

बंसी बाजी कहीं मधुवन में कहीं बंसी बाजी
घूंघट के पट खोले री गुजरिया, घूंघट के पट न खोलूं कान्हा
लाज जाए मेरे तीनों कुल की