Thursday, June 3, 2021

मैंने ओम नाम न लियो - Maine Om Naam N Liyo -LYRICS--

मैंने ओम नाम न लियो री न गई री गुरु के डेरे में
मेरी बीती उमर अंधेरे में


मोपे बचपन आयो डट में तो गुड़िया खेली हंस हंस के
मैं तो रही री सहेलियों के घेरे में   मेरी बीती उमर अंधेरे में


मोप अाई जवानी डट के मैंने सिंगार कियो हंस हंस के
मैं तो रही री पति के घेरे में   मेरी बीती उमर अंधेरे में


मॉपे आयो बुढ़ापा डट के मैंने नाती को ब्याह रचायो
मैं तो रही री बेटन के घेरे में  मेरी बीती उमर अंधेरे में


मेरे नाती बेटा बतराए जाकी दारो खाट उसारे में 
मेरी खुल गई आंख उजारे में
मैं तो जाऊंगी गुरु के डेरे में  मेरी बीती उमर अंधेरे में


सुध बुध भूल गई कान्हा - Sudh Budh Bhool Gayi Kanha - LYRICS-

सुध बुध भूल गई कान्हा जब से सुनी बांसुरिया

नहावे तो में जमुना गई थी नहावो भूल गई 
कान्हा जब से सुनी बांसुरिया
सुध बुध भूल गई कान्हा जब से सुनी बांसुरिया

उरद की दाल गेहूं के फुल्का खावो भूल गई
कान्हा जब से सुनी बांसुरिया
सुध बुध भूल गई कान्हा जब से सुनी बांसुरिया

कोरी कर्सिया में शीतल पानी पिवओ भूल गई
कान्हा जब से सुनी बांसुरिया
सुध बुध भूल गई कान्हा जब से सुनी बांसुरिया

धरती पे मैंने करो बिछोना सोवो भूल गई
कान्हा जब से सुनी बांसुरिया
सुध बुध भूल गई कान्हा जब से सुनी बांसुरिया

Wednesday, June 2, 2021

अरे बच्चे को खिलाने वाली - Are Bachche Ko Khilane Vali - LYRICS-

अरे बच्चे को खिलाने वाली चेहरे पे बरसे नूर

जच्चा की सासू पूछें बात बहू क्या चारुए रखेंगे आज
वो जच्चा खड़ी खड़ी शर्माए चेहरे पे बरसे नूर
वो जच्चा मंद मंद मुस्काए चेहरे पे बरसे नूर


इसी प्रकार से आगे कहते जाना है -

जीठानी, देवरानी, नन्द, देवर, सखियां आदि
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Sunday, May 30, 2021

तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ - Tujhe Shanker Kahoon Ki Bholenath - LYRICS-

तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले

शीश भोले के गंगा विराजे, कैसे जल मैं चढ़ाऊं भोले नाथ
ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले


माथे भे के चंदा विराजे, तुझे कैसे चंदन लगाऊं भोलेनाथ
ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले

गले भोले के सर्पों की माला, तुझे कैसे हार पहनाऊं भोलेनाथ   ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले


हाथ भोले के डमरू विराजे कैसे तान सुनाऊं भोलेनाथ
ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले

संग भोले के गौरा विराजे गोदी में गणपति विराजे
मैं कैसे दर्शन पाऊं भोलेनाथ  ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले


चरणों में भोले के नन्दी विराजे मैं कैसे शीश झुकाऊं
भोलेनाथ   ऊंचे पर्वत वाले
तुझे शंकर कहूं कि भोलेनाथ रे ऊंचे पर्वत वाले

Wednesday, May 26, 2021

राम रस जाने पीयो - Ram Ras Jaane Piyo - LYRICS-

राम रस जाने पीयो जई की लगेगी नैया पार

राम रस मीरा ली गई छान लगा लियो अपने प्रभु से ध्यान
जहर को अमृत बन गयो   जई की लगेगी नैया पार
(इसी प्रकार से आगे कहते जाना है)

द्रौपदी, शबरी, नरसी, प्रहलाद, मोरध्वज,


भज ले हरि का नाम- Bhaj Le Hari Ka Naam- LYRICS-

भज ले हरि का नाम नाम भोले प्राणी
आएगा बस यही काम काम भोले प्राणी

कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी बनकर बैठा सेठ करोड़ी
संग चले न कौड़ी दाम दाम भोले प्राणी
भज ले हरि का नाम नाम भोले प्राणी

हरि भजन से मन क्यों चुराए काल बुलावा कब आ जाए
ही जाए जीवन की शाम शाम भोले प्राणी
भज ले हरि का नाम नाम भोले प्राणी

गर्भ में तूने वादा किया था हरि चिंतन का इरादा किया था
अब तो लेे भज सीताराम राम भोले प्राणी
भज ले हरि का नाम नाम भोले प्राणी
आएगा बस यही काम काम भोले प्राणी

Sunday, May 23, 2021

दूल्हा बूढों है - Dulha Budho Hai - LYRICS-

दूल्हा बूढों है नारद कैसा वर ढूंढो है

तुम तो कहते वाले महल दूमहला
पर्वत ऊंचो है। नारद.....
दूल्हा बूढों है नारद कैसा वर ढूंढो है

तुम तो कहट वाके घोड़ा हाथी
नादिया बूढों है।  नारद....
दूल्हा बूढों है नारद कैसा वर ढूंढो है

तुम तो कहत बाके धन और दौलत
भांग धतूरों है।  नारद.....
दूल्हा बूढों है नारद कैसा वर ढूंढो है